Author: anil trivedi

  • ख़यालात बदलोगे तो हालात बदलेंगे!

    हालात अपने आप नहीं बदलते हैं। हालात बदलने के लिए ख़यालात में बदलाव बहुत जरूरी है। दुनिया के सारे बदलाव अपने आप नहीं आते हैं। जैसे जैसे ख़यालात बदलते गए हालत भी बदल गए।आज जिस तेजी से हालात बदलते जा रहे हैं उस तेजी से लोगों के ख़यालात नहीं बदल रहे हैं। पिछले सौ सालों…

  • धरती के सम्बन्ध में एक भी मनुष्य न तो बाहरी है न ही धुसपैठिया

    ‘सबकी धरती ,सब धरती के ‘भाव से दूर क्यों है मनुष्य ? असंख्य ग्रह नक्षत्रों व तारामंडल को लेकर हमारे मन में कभी यह विचार नहीं आता की यह आकाशगंगा किसकी है? धरती को लेकर भी मेरे तेरे का भाव भी हमारे मन में नहीं आता।तो फिर देश प्रदेश ,शहर गांव, समाज जाति, धर्म भाषा,…